कावड़ यात्रा की कहानी
कावड़ यात्रा की कहानी बहुत पुराने समय की बात है , जब दक्षिण भारत में एक गांव में एक गहरे आदर्शवादी आदमी रहता था। उसका नाम श्रीराम था। श्रीराम एक सम्पूर्ण भक्त होने के साथ - साथ महादेव के भक्त भी थे। उन्होंने अपना जीवन महादेव की आराधना में समर्पित कर दिया था। वे हर वर्ष कावड़ यात्रा करने के लिए महादेव के दरबार में जाते थे। जब कावड़ यात्रा का समय आता , श्रीराम अपने मित्रों के साथ यात्रा के लिए तत्पर रहते। एक सुबह वे सब मंदिर के पास इकट्ठे हो गए और अपने साथी भक्तों के साथ मनाने के लिए निकल पड़े। कावड़ यात्रा का माहौल आनंदमय और उत्साहपूर्ण था। सभी लोग भोलेनाथ का नाम जप और उनकी महिमा की गान कर रहे थे। उन्होंने मनाना शुरू किया , भारी ढ़ोल बजते और धूमधाम से नाचते। यात्रा के दौरान श्रीराम और उनके मित्र बहुत सारे कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। पथ पर अधिक चढ़ाई , ढलानें और जंगली क्षेत्रों कीघनी जंगलों में चलना पड़ा। वे दिनभर गर्मी , थक...